भ्रष्ट अफसरों को अब गहलोत सरकार जबरदस्ती रिटायर करेगी

राजस्थान में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर राजस्थान के मख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी बडे विभागों के अफसरों की एक मीटिंग के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस अफसरों को सीधी-सीधी चेतावनी दी कि ऐसे अफसरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए तथा साथ ही उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर देना चाहिए जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक को और ज्यादा अधिकार दिये जाने के निर्देश दिए इसके अलावा संबंध में गहलोत ने कहा कि भ्रष्ट राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या रात 8 अधिकारियों की एक सूची जारी कर तुरंत बजे के बाद में शराब की दुकानों का सीएमएचओ भेजी जाए जहां से उन्हें तुरंत लगातार शराब का विक्रय करने के साथ रिटायरमेंट के आदेश के संबंध में तत्काल अवैध बजरी खनन की भी व्यवस्थाओं कार्यवाही पर जोर दिया इससे यह साफ पर अपना रोष प्रकट किया। गहलोत ने होने लगा है कि अब राजस्थान के अधिकारियों से पुलिस की कार्यप्रणाली मुख्यमंत्री जल्दी से जल्दी राजस्थान को को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे भ्रष्टाचार और अन्य अनैतिक गतिविधियों उन्होंने कहा की क्राइम ब्रांच साइबर सेल से मुक्त करना चाहते हैं तथा अपने सभी और एसओजी में काबिल अफसर लगाये सलाहकारों के साथ इस पर विचार विमर्श जाए। पुलिस में अनुसंधान अधिकारियों करते हुए अपनी मंशा प्रकट कर दी है की कमी को दूर करने और रिक्त पदों को आपको बता दें भ्रष्ट अफसरों को अब गहलोत.. कि भारत सरकार ने भी इस प्रकार की प्रक्रिया को सबसे पहले अंजाम देते हुए भ्रष्ट युक्त अधिकारियों को तत्काल रिटायरमेंट देने का एक नया फंडा चलाया था जिसमें कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को रिटायरमेंट का नोटिस तुरंत भ्रष्ट अधिकारियों को हाथों हाथ थमा दिए गए थे उसी तर्ज पर अब राजस्थान सरकार भी भ्रष्ट अधिकारियों की सूचना मिलने की जानकारी के बाद विभागीय जांच के तुरंत बाद भ्रष्ट पाए जाने की दशा में रिटायरमेंट के तुरंत आदेश हाथों हाथ थमा देने की प्रक्रिया शुरू कर देने से राजस्थान सरकार के विभागों में भ्रष्ट अधिकारियों में जबरदस्त हलचल मच गई है यद्यपि अभी इस बात का खुलासा नहीं हो सका है की क्या इस तरह के मामले किसी अधिकारी के साथ हो जाने की दशा में यदि वे कानून का सहारा लेते हुए कोर्ट में जाकर स्टे ऑर्डर लेने की दशा से सरकार का रवैया क्या होगा इस संबंध में कोई निश्चित जानकारी अभी तय नहीं की गई है लेकिन इतना जरूर है कि भ्रष्ट अधिकारियों में अब जबरदस्त हलचल होने के साथ डर का माहौल पैदा हो गया है