नकली दवाइयों का बढ़ता व्यापार जनता की जिंदगी से खेलते व्यापारी

जनता की जिंदगी से खेलते व्यापारी जयपुर के अलावा पूरे राजस्थान में लगभग 12 से 15 जिलों में इन दवाइयों को बेचा गया


जयपुर। पर रिटेलर को 20% और होलसेलर को 15% तक का कमीशन मिलता प्रदेश में नकली दवाइयों के मामले तेजी है जबकि ऑनलाइन कंपनियों को से बढ़ते जा रहे हैं ड्रग विभाग ने पिछले कुछ 20% से ज्यादा का फायदा केवल दिनों में कार्यवाही करते हए करोडों रुपए ग्राहकों को ही दे दिया जाता है। की नकली दवाइयां का जखीरा जयपुर के ऐसी स्थिति में ग्राहकों से साथ-साथ पूरे राजस्थान में भेजा गया ऑनलाइन माल मंगाने की दशा में है। लगभग 12 से 15 जिलों में इन नकली दवाइयां आसानी से खपा दी दवाइयों को बेचे जाने के समाचार जाती है। राजस्थान में इस समय प्राप्त हुए हैं जयपुर में छापेमारी के नकली दवाइयों का व्यापार विस्तृत बाद लगभग 40 लाख की रूप से फैला हुआ है तथा कंपटीशन नकली दवाइयां पकड़ी गई है। के चक्कर में ज्यादा से ज्यादा इस गोरखधंधे का खुलासा कमीशन देना व्यापार का हिस्सा बन ड्रग विभाग के आला अधिकारियों चुका है ऐसी स्थिति में नकली ने किया। अधिकारियों ने बताया कि दवाइयां ही ज्यादा से ज्यादा विशेष रूप से हार्ट डिजीज में यह दवाइयां कंपटीशन के रूप में बाजार में काम में आती है ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक बेचकर तथा अधिक लाभ की आशा ने बताया कि सूचना मिलने पर कई जगह उद्देश्य से इस प्रकार की नकली दवाइयां में कमीशन अधिक मात्रा में देकर भी कमाया नकली दवाइयां बेची जाने पर दबिश दी जहां बाजार में बेचकर जनता की जिंदगी के साथ जा सकता है और इसके लिए नकली दवाइयां लाखों रुपए की दवाइयों के गोदाम में पुरानी में खिलवाड़ किया जा रहा है। एक फर्म में ही सर्वोत्तम व्यापार की श्रेणी में आता है। और अवधि पार दवाइयां भी मिली है। इस जब जांच करने गये अधिकारियों ने गार्ड को यही कारण है कि कंपनियां तेजी से नकली संबंध में जयपुर में दवाइयों का गढ़ फिल्म जब अपने बारे में बताया तो गार्ड ने स्वयं ले दवाइयां बनाकर बाजार में बेचने के चक्कर में कॉलोनी में नामी गिरामी कंपनियों ने भी इस जाकर कमरे में ऐसी जगह पर दवाइयों का कुछ अच्छे और नामी-गिरामी कंपनियों को प्रकार की नकली दवाइयों का एक बड़ा काम एक बड़ा जखीरा बताया कमरे से बाहर और और होलसेल इसको अपने पास इस काम के किया गया है और इसे संपूर्ण राजस्थान में भी ऐसे कई गोदाम मौजूद है जहां पर लिए नियुक्त करती है जिसके जरिए नकली दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। दवाइयों का जबरदस्त गोदाम और बोरों में दवाइयां बाजार में बेची जा रही हैं। उनका मात्र कुछ रुपए की दवाइयों को सैकड़ों भरी हुई दवाइयां को देखकर अधिकारी हैरत उद्देश्य केवल पैसा कमाना है जनता के जीवन रुपए में बेचकर अत्यधिक लाभ कमाने के में पड़ गये।