भारत बनाम चीन परमाणु शक्ति संपन्न देशों के आक्रामक तेवर देख कर अमेरिका सहित पूरा विश्व दहशत में

भारत बनाम चीन परमाणु शक्ति संपन्न देशों के आक्रामक तेवर देख कर अमेरिका सहित पूरा विश्व दहशत में


आज पूरी दुनिया जहां इस वक्त चाइनीज कोरोना वायरस से जूझ रही हैं, लेकिन वही चीन वह अब अपनी सीमा लांघकर युद्ध की तैयारियों में लगा है। आपको बता दें की भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव बना हुआ है । यहाँ चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी सेना को जंग की तैयारी के लिए  कह दिया है। लेकिन उसका ये मुगालता ही साबित होगा क्योंकि चीन के लिए ये युद्ध 1962 जितना आसान नहीं होगा, क्योंकि इस चाइनीज ड्रैगन को रोकने के लिए भारत अब पूरी तरह सजग है व तैयार खड़ा है । अभी हमारी सेना का उत्साह अपने चरम पर है इनके हाथ अब खुले हैं क्योंकि मौजूदा मजबूत भारत सरकार ने सेना को हर विकल्प के उपयोग के लिए खुली छूट दी हुई है जिसका नजारा हालिया सर्जिकल स्ट्राइक और अभिनंदन के सुरक्षित घर वापसी और सीमा पार आतंकियों पे आक्रमण में देख सकते हैं  जहां पूरी दुनिया मे इन दोनों परमाणु शक्ति संपन्न  देशों के तेवर देखकर भारी चिंता है तो ऐसे में जान लेना जरूरी हो जाता है कि भारत और चीन में के पास आखिर क्या खास है की पूरा विश्व सहमा हुआ है बताया जाता है की चीन के पास 260 परमाणु हथियार है तो दूसरी तरफ भारत के पास केवल  110 परमाणु हथियार हैं। लेकिन बात पहल करने की है की पहला परमाणु हथियार कौन इस्तेमाल करेगा अगर मिसाइलों की बात करें तो भारत और चीन दोनों एक दूसरे की जद में हैं। अभी भारत के पास 5 हजार किलोमीटर तक मार करनेवाली अग्नि-5 मिसाइल है। जिसकी वजह से चीन का अधिकतर हिस्सा इसकी रेंज में है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की संख्या  22 लाख कर्मचारी बताई जा रही  हैं, जबकि भारत में यह संख्या 15 लाख है। लेकिन ये युद्ध अब आमने सामने का न होकर आधुनिक हथियारों से लड़ा जा सकता है इसलिए संख्याबल मायने नहीं रखता हाँ केवल खास बात यह है की हाल ही मे पेश हुआ चीन का रक्षा बजट भारत से तीन गुना ज्यादा है जबकि अभी भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल विमान का सौदा किया है। ये जल्द ही आने वाले हैं। इनके आने से  भारत एक मजबूत स्थिति में होगा ।क्योंकि विमानों की संख्या में चीन फिलहाल तो हमसे आगे है। इसके पास 3,210 विमान हैं। वहीं भारत के पास केवल  2,123 विमान। जिनमें से भारत के पास 538 लड़ाकू विमान हैं, वहीं चीन के पास 1,232 । भारत के पास कुल 722 हेलिकॉप्टर और चीन के पास 911 अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीनों भारतीय सेना प्रमुखों के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते एक  बैठक आयोजित की थी । इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद रहे। अब पूरे विश्व की निगाहें शांति प्रिय देश के नाम से मशहूर भारत पर टिकी है जो की पहले केवल अपनी सुरक्षा तक ही सीमित रहता था लेकिन हालिया सरकार के कार्यकाल में भारत पूरी तरह इज़राइली पद्धति पर काम कर कर रहा है जहां देश की तरफ आँख उठाने वाले की हालत बद से बदतर करने का चलन है इसमें कोई दो राय नहीं की मोदी के आने के बाद विश्वभर में भारत एक मजबूत देश के रूप में देखा जा रहा है वहीं इस कशमकश की घड़ी में रूस अमेरिका फ्रांस सहित कई देश कोरोना महामारी के बाद भारत के साथ खड़े दिखाई दें तो किसी को कोई आश्चर्य नहीं होगा